Before the talks in Kartarpur Corridor, Pakistan had expelled Khalistan supporter Gopal Chawla from the committee.
नई दिल्ली (उमाशंकर त्रिपाठी):- करतारपुर कॉरिडोर के ऊपर बातचीत से एक दिन पहले ही पाकिस्तान की तरफ से एक ऐसी खबर निकल कर आई जिसको सुनने के बाद सब लोग हैरान हैं क्योंकि करतारपुर कॉरिडोर पर बातचीत से 1 दिन पहले पाकिस्तान ने खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला को अपनी कमेटी से बाहर कर दिया है भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच रविवार के दिन बागा बॉर्डर पर कॉरिडोर को लेकर दूसरे दौर की बातचीत होनी है
बातचीत होने से पहले भारत ने खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला के वार्ता कमेटी में होने पर आपत्ति जताई और आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत 14 मार्च के दिन हुई थी तब ड्राफ्ट एग्रीमेंट को अंतिम रूप दे दिया गया था
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार ने शुक्रवार को कहा कि हमें पाकिस्तान से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पुनर्गठन किए जाने पर बहुत ज्यादा खुशी है नई कमेटी के अंदर गोपाल सिंह चावला का नाम नहीं है इसके बाद भारत ने कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच कोर्ट को लेकर गतिरोध पूरी तरह से खत्म करने में मदद मिलेगी और पाकिस्तान के साथ दूसरे दौर की वार्ता में करतारपुर के मुद्दे सुलझाए जा सकेंगे
मोदी सरकार की सत्ता में वापसी के बाद यह पहली और अब पाकिस्तान के साथ दूसरे दौर की बातचीत इससे पहले 14 मार्च के दिन दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ड्राफ्ट एग्रीमेंट को अंतिम रूप दे दिया था भारत कॉरिडोर के निर्माण पर 500 करोड़ पर खर्च आएगा इसके जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाईटेक सिक्युरिटी, सर्विलांस सिस्टम, 5000 से लेकर 10 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम किए जाएंगे।
31 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद
करतारपुर साहिब कॉरिडोर पंजाब में गुरदासपुर से 3 किलोमीटर की दूरी पर भारत और पाकिस्तान की सीमा से लगा होगा सिख श्रद्धालु इस कॉरिडोर के अंदर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधे दर्शन के लिए जा सकेंगे यहीं पर 1539 में श्री गुरु नानक देव जी ने अपना आखिरी वक्त गुजारा था कॉरिडोर के श्री गुरु नानक देव जी की 550 वीं वर्षगांठ से पहले क 30 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है
गोपाल चावला है कौन
गोपाल सिंह चावला को खालिस्तान का बड़ा समर्थक माना जाता है और वह बहुत ही लंबे वक्त से पाकिस्तान सिंह चावला ने पिछले साल भारतीय अधिकारियों को लाहौर के गुरुद्वारा में जाने से रोक भी दिया था नवंबर 2018 में अमृतसर में हुए ग्रेनेड हमले में भी जांच उसकी संलिप्तता पाई गई थी आतंकी हाफिज सईद का बहुत करीबी माना जाता है चावला और उसे एक फोटो में हाफिज के साथ भी देखा गया था और वही नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान दौरे पर भी गोपाल सिंह चावला उनके साथ नजर आए थे