Capt Amarinder Singh’s government flips in front of teachers of Punjab: all teachers get restored on duty

चंडीगढ़ (सुखमंदर कौर):- पंजाब में एजुकेशन को लेकर अध्यापक हमेशा अपनी मांगे मनवाने के लिए पंजाब के अंदर कभी कैप्टन अमरिंदर सिंह के घर के बाहर तो कभी शिक्षा विभाग के आला मंत्री और अफसरों के पास और पंजाब शिक्षा विभाग से अब एक अच्छी खबर अध्यापकों के लिए निकल कर आ रही है सरकार के विरुद्ध संघर्ष कर रहे अध्यापकों के लीडरओं के लिए गए सख्त फैसले को वापस ले लिया गया है पंजाब सरकार ने पिछले दिनों बर्खास्त सस्पेंड किए 5 अध्यापकों के लीडरओं को फिर से नौकरी पर रख लिया और इसके अलावा बाकी जो दूसरे अध्यापकों को मूर्त किया था सस्पेंड किया था वह ऑर्डर भी कैंसिल कर दिए हैं और इसके साथ आने वाले दिनों के अंदर अध्यापकों की मुख्यमंत्री के साथ एक खास बैठक भी करवाई जाएगी

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 15 जनवरी को 5 अध्यापक लीडर जिनमें से हरदीप टोडरपुर, भरत कुमार, हरविंदर सिंह रखड़ा, दीदार सिंह और हरजीत जिंदा को नौकरी से बर्खास्त करने का एलान कर दिया था और इस बात के ऊपर अध्यापकों ने जमकर विरोध किया और सरकार की कार्रवाई के ऊपर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने एक बार फिर से विचार किया और अपनी तरफ से चलाए गए इस हुक्म को फिर से वापस ले लिया

लोकसभा चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार चाहती है कि अध्यापक जो धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उन सब को प्यार से काबू में कर लिया जाए और इसीलिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह तीखे कदम पीछे हटा ली है कमेटी के प्रधान जसविंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि वह अपने साथी अध्यापकों को फिर से बहाल करवाने के लिए अथवा सरकार से और मांग मनवाने के लिए अहम भूमिका निभाई है और आपको बता दें यह पिछले दिनों 1 जनवरी के दिन पंजाब के शिक्षा मंत्री ओपी सोनी पटियाला के अंदर अध्यापकों को का पक्का मोर्चा उठाने के लिए 1578 अध्यापकों को पक्का करने की बात कही अध्यापकों की बदली रद्द करने और अध्यापकों की पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक करवाने की बात कही लेकिन यह सब बातें बाद में जुमले साबित हुई