In the Gurudwara of Ramgarh village of Punjab, the indignity of Sri Guru Granth Sahib.

श्री चमकौर साहिब (उमाशंकर त्रिपाठी):- पंजाब के मोरिंडा श्री चमकौर साहिब मार्ग के ऊपर पड़ते गांव रामगढ़ के गुरुद्वारा साहिब में गांव के एक नौजवान की तरफ से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ बेअदबी करने करके वहां से भागने की एक असफल कोशिश की गई और पंजाब पुलिस के एसएचओ गुरसेवक सिंह ने बताया कि बरजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह जो कि खेती बाड़ी का काम करता है और उसने करीब 1:00 बजे अपने घर के नजदीक पड़ते एक बड़े गुरुद्वारा में माथा टेका और जहां पर उसने जोर जोर से बोले सो निहाल के जयकारे लगाने शुरू कर दिए और श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के पास जाकर बैठ गया

वहां पर मौजूद मलकीत सिंह और अमरीक सिंह नामक इन व्यक्तियों ने इस पूरी घटना को देखा और उसके बाद बर जीत सिंह को वहां से उठाने की पूरी कोशिश की लेकिन उसने अपने पैरों के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग पन्ना नंबर 763 को फाड़ दिया और पालकी साहब भी टूट कर नीचे गिर पड़ी और उन सभी व्यक्तियों का ध्यान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के उन पन्नों की तरफ चला गया जिन को एक व्यक्ति ने इस व्यक्ति ने अपमानित किया था और ऐसा मौका देख बरजीत सिंह वहां से भाग गया और

इस घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस चौकी  के इंचार्ज इंद्रपाल सिंह पुलिस पार्टी के साथ वहां पहुंचे और पुलिस वालों ने तुरंत बरजीत सिंह के घर को चारों तरफ से घेरा डाल लिया और उसके बाद इस व्यक्ति को पुलिस वालों ने अपनी हिरासत में ले लिया पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुलजिम बलजीत सिंह के विरुद्ध केस दर्ज करके अगली कार्रवाई को शुरू कर दिया है