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बिहारी वोटरों को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने “गरीब कल्याण रोजगार योजना” आज बिहार के खगड़िया से शुरू की.

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Photo : narendramodi.in

नई दिल्ली 21 मई 2020 (उमाशंकर त्रिपाठी):- बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से होनी शुरू हो चुकी हैं. जिसमें सभी पार्टियां अपने वोटरों को लुभाने के लिए तरह तरह के कार्य करने शुरू कर चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल रैली के बाद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार के दिन बिहार के खगड़िया में प्रवासी मजदूरों के लिए एक बड़ा कार्य शुरू किया है. जिसका नाम “गरीब कल्याण रोजगार योजना” इसको शुरू किया गया है. अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के अंदर बिहार से आगाज कर इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के समीकरणों को बदलने की कोशिश की जा रही है.

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करोना वायरस की वजह से जहां पूरे देश के अंदर लॉकडाउन लगा हुआ है. इसी बीच बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने अपने गांव में लौट रहे हैं. जहां उनके समक्ष रोजगार की एक बड़ी मुश्किल आन खड़ी हुई है.ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी श्रमिकों को आए समर्थन करने के लिए ₹500000000 का गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रदेश के अंदर शुरू कर दिया है. इस बड़ी योजना के तहत घर लौटे श्रमिकों को सशक्त किया जाएगा. उन्हें 125 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाने का एक बड़ा लक्ष्य मोदी सरकार की तरफ से रखा गया है. यह योजना मुख्य रूप से उन छह बड़े राज्यों के ऊपर केंद्रित होगी जहां सबसे ज्यादा प्रवासी श्रमिक अपने गांव लौटे हैं और उनको अब काम की तलाश है.

देश के 6 राज्यों के 116 जिले जहां गरीब कल्याण रोजगार योजना की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की तरफ से शुरुआत की गई है इसमें सबसे ज्यादा जिला बिहार के 38 जिला में 32 को प्रधानमंत्री ने इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत शामिल किया है.

बिहार के हर जिला से 25,000 श्रमिकों को इस बड़े अभियान के तहत मोदी जी की तरफ से रोजगार दिया जाएगा. बिहार में घर लौटने लौटे करीब 800000 श्रमिकों को सीधे तौर पर रोजगार के साथ जोड़ा जाएगा. करोना संकट और लॉकडाउन के चलते देश का अलग अलग राज्य से करीब 30,00000 समिक बिहार प्रदेश में वापस लौटे हैं. इस बार के चुनाव में श्रमिकों आप का बिहार की विधानसभा चुनाव में बड़ा अहम रोल रहेगा. बिहार में सियासी जीत-हार का रास्ता इसके समर्थन या विरोध पर काफी निर्भर करेगा इसीलिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार बिहार के खगड़िया जिले से शुरू कर दिया है. क्योंकि प्रदेश के अंदर बहुत जल्द विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं.

भारतीय जनता पार्टी चाहती है इन सभी श्रमिकों को अपनी पार्टी के लिए वोट डालने के लिए प्रेरित किया जा सके दरअसल लॉकडाउन में फंसे मजदूर पूरे देश है जहां पैदल चलकर, रिक्शा, ठेला लेकर अपने राज्य पहुंचे उस समय कई राज्य सरकारों ने मजदूरों की भावनाओं को समझा और उनका जबरदस्त मदद किया. लेकिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार श्रमिकों की वापसी के लिए पहले तैयार नहीं थे. विपक्ष ने इस पर बड़ा हंगामा किया. बिहार सरकार प्रवासी मजदूरों को अपने राज्य में वापस बुलाए मजदूर बेबस हैं. दूसरे राज्यों में ना उन को खाना मिल रहा है ना पानी मिल रहा है.

श्रमिकों के परिजनों ने नती सरकार के ऊपर दबाव डाला तब जाकर नितीश बाबू ने इन श्रमिकों की प्रदेश में वापसी करवाई. बिहार सरकार ने पहले प्रवासी मजदूरों के खाते में आपदा राशि के रूप में ₹1000 डाले. श्रमिकों की वापसी का दबाव लगातार सरकार पर भरता गया बिहार सरकार ने अपना पूरा दांव केंद्र सरकार के ऊपर फेंका जिसके बाद बिहार सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बुलाने के लिए ट्रेनें चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद तकरीबन 30 लाख मजदूर दिल्ली, मुंबई सहित तमाम राज्यों से वापस आए हैं.

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