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कौन है दिल्ली का मालिक CM या LG, आप जानिए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर क्या कहा है

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Delhi LG Anil Baijal
Photo : Socail Media

नई दिल्ली 9 जून 2020 ( परमजीत भकना

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):- दुनिया में करोना वायरस की दस्तक है सुपर पावर कहलाने वाला देश अमेरिका भी इस बीमारी के आगे घुटने टेक चुका है. अब भारत भी धीरे-धीरे इस बीमारी की गिरफ्त में आता जा रहा है. जहां सबसे ज्यादा केस मुंबई में हैं वहीं अब दिल्ली भी दूर नहीं। देश की राजधानी दिल्ली में करोना वायरस तेजी के साथ खेल रहा है और हर रोज एक हजार से ज्यादा मामले राजधानी के अंदर निकल रहे हैं

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जब पूरी दिल्ली करोना वायरस की बीमारी के साथ लड़ रही है तो उसी वक्त एक बार फिर से दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच आधिकारिक लड़ाई शुरू हो चुकी है | अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों के अंदर सिर्फ दिल्ली के लोगों के लिए इलाज करने को बोला था. लेकिन इस पर दिल्ली के उपराज्यपाल ने फैसले को पलट दिया है. अब इन दोनों के बीच एक बार फिर से बड़ा विवाद छिड़ चुका है.

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ऐसा कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली के अंदर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के अंदर ऐसी स्थितियां पैदा ना हुई ही हो ऐसा सब कुछ बहुत लंबे वक्त से चलता रहा है. यहां तक कि यह लड़ाई देश के सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक भी जा पहुंची है बहुत से ऐसे फैसले जो केजरीवाल सरकार ने लिए लेकिन एलजी ने उनको मानने से मना कर दिया।

पिछले साल फरवरी में सर्वोच्च अदालत के अंदर अपने फैसले में दिल्ली सरकार के कामकाज का बंटवारा कर दिया था और बताया यह भी जा रहा है कि किस मोर्चे पर दिल्ली के उपराज्यपाल बॉस हैं और किस पर दिल्ली की सरकार है यह समझना भी बहुत मुश्किल है फरवरी 2019 को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कुल 6 मामलों पर अपना फैसला सुनाया जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर जांच कमीशन तक का मामला था। इन 6 मामलों में से 4 मामलों में उपराज्यपाल को दिल्ली का बिग बॉस बताया गया |

(1)- आइए आपको बताते हैं कि उन अधिकारियों की पोस्टिंग का मामला है क्या था

-ग्रेड -१ , ग्रेड 2, लेवल के सभी अधिकारी केंद्र सरकार के तहत
-ग्रेड 3, ग्रेड 4, के सभी अधिकारी राज्य सरकार के जाएं एंटी

(2)- करप्शन ब्रांच किसके पास है

  • केंद्र सरकार

(3) – किसी मामले के अंदर जांच बैठाने का अधिकार किसको (कमीशन ऑफ इंक्वायरी)
केंद्र सरकार को

(4)- इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का अधिकार

-दिल्ली सरकार के पास

(5)- सर्किल रेट

  • जमीन केंद्र सरकार की, लेकिन सर्किल रेट पर तय करने का हक सिर्फ दिल्ली सरकार के पास

(6 )- सरकारी वकील
-दिल्ली सरकार के पास इस का हक

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस फैसले में इस बात को भी साफ तौर पर कहा कि अगर किसी भी फैसले पर मतभेद जैसी स्थिति होती है तो उपराज्यपाल का फैसला ही सर्वमान्य माना जाएगा। आपको यह भी बता दे कि दिल्ली के अंदर कानून व्यवस्था, जमीन और बड़ी ट्रांसफर पोस्टिंग की ताकत अभी भी केंद्र सरकार के पास ही है | इन सभी मामलों के ऊपर उपराज्यपाल ही फैसला लेते हैं और इसीलिए एलजी और दिल्ली सरकार के बीच ऐसी तकरार होती रहती है |

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