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भारत चीन बॉर्डर ताजा अपडेट, चीन की ओर से 10 भारतीय सैनिकों को किया गया रिहा :रिपोर्ट

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India-China border update
Photo:Social Media

नई दिल्ली 19 मई 2020 (parmjeet Bhakna

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):- पिछले कुछ दिनों से भारत और चाइना के बॉर्डर पर सैनिकों के बीच झाड़ पर हो रही है जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं और चाइना के भी काफी फौजी मारे जा चुके हैं. लेकिन अब एक खबर निकल कर आ रही है जिसमें भारतीय सेना ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख की गालवान घाटी (Galwan Valley) मैं सोमवार और मंगलवार के दरमियान रात के वक्त चीन की सेना के साथ जो हिंसक संघर्ष हुआ था

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उस संघर्ष में शामिल कोई भी भारतीय सैनिक लापता नहीं है. सेना की ओर से गुरुवार शाम को यह बात निकल कर सामने आई थी. इस बीच मामले से संबंधित लोगों के मुताबिक जो खबरें निकल कर आ रही हैं. उन्हें कहा जा रहा है कि 3 दिनों की वार्ता के बाद चीनी सेना द्वारा दो मेजर सहित दस भारतीय सेना के जवानों को रिहा कर दिया गया है.

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वैसे आधिकारिक तौर पर इस बयान के बारे में कोई भी बात नहीं कही गई है. इस पूरी खबर पर सेना ने कोई विवरण दिए बिना संक्षिप्त बयान में ध्यान के अंदर यह कहा था कि यह स्पष्ट किया जाता है कि कार्रवाई में भारतीय सैनिक लापता नहीं है. गालवान घाटी के अंदर हिंसक संघर्ष में बाहर भारत के 20 जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी जबकि दूसरी तरफ चीनी सेना के 45 के करीब सैनिकों की मौत हुई है.

ऐसी खबरें निकल कर आई थी पिछली बार जुलाई 1962 के अंदर गालवान घाटी के अंदर संघर्ष के बाद चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों को बंदी बना लिया था. उस वक्त भीषण संघर्ष के बाद कम से कम 30 के करीब भारतीय सैनिक वहां मारे गए थे और कई दर्जनों को चीनी सेना पकड़ कर अपने साथ ले गई थी.

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सैन्य सूत्रों ने यह भी बताया कि चीनी सेना द्वारा सोमवार के दिन कुल 6 सैनिकों को के साथ बर्बरतापूर्वक हमला से हमला किया गया था. जिसके अंदर 18 सैनिक गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और 58 घायलों को मामूली चोटें लगी थी. उन्होंने कहा कि लेह के एक अस्पताल के अंदर 18 कर्मियों का डॉक्टरी इलाज चल रहा है जबकि 58 अन्य दूसरे हॉस्पिटलों के अंदर भर्ती करवाए गए हैं.

भारतीय और चीनी पक्ष के बीच गुरुवार को लगातार तीसरे दिन मेजर जनरल-स्तर की बातचीत हुई जिसमें सैनिकों को हटाने के साथ-साथ और दूसरी बातें जिसमें गालवान घाटी के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की बातचीत हुई.नाथू ला में 1967 में संघर्ष हुआ जिसके बाद अब घाटी में संघर्ष के अंदर दोनों देशों के सैनिकों के बीच सबसे बड़ा टकराव है. उस समय भारत के करीब 80 सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन की तरफ से मृतकों की संख्या 300 बताई गई थी.

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