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कानपुर मुठभेड़ : देवेंद्र मिश्रा की चिट्ठी पर अब नाटकीय मोड निकला, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है.?

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Kanpur encounter on Devendra Mishra
Photo: UP POLICE (twitter)

कानपुर:- ( उमाशंकर त्रिपाठी 7 जुलाई 2020 ):-कानपुर के अंदर शुक्रवार की सुबह ( गैंगस्टर विकास दुबे) के गुंडों के साथ एक हुए बड़े मुठभेड़ के अंदर 8 पुलिस वालों की जान चले गए अब इसकी जांच चल रही है. लेकिन सोमवार को सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी के सामने आ जाने के बाद इस पूरे मामले में हलचल तेज हो गई है. कथित रूप से इस चिट्ठी के अंदर विकास दुबे और छापे के नेतृत्व कर रहे डीएसपी देवेंद्र मिश्रा ने 3 महीने पहले अपना बड़े अधिकारी को यह बात लिखा था. पुलिस का यह कहना है कि इस चिट्ठी पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं है और इस चिट्ठी को ढूंढा जा रहा है.

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सुबह से वायरल तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा (Devendra Mishra) की चिट्ठी के शहर में कानपुर के एसएसपी (SSP) द्वारा जांच की गई जिसके अंदर चिट्ठी सीईओ एसपी ग्रामीण एसएसपी (SSP) समस्त कार्यालय के सभी कार्यों के किसी भी रजिस्टर के अंदर रिसीव नहीं किया गया. यह जानकारी कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ( SSP Dinesh Kumar ) ने दी है देवेंद्र कुमार मिश्र डीएसपी की यह कथित सोमवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. यह चिट्ठी उन्होंने 3 महीने पहले पुलिस के चीफ तत्कालीन चीफ तत्कालीन पुलिस चीफ अनंत देव तिवारी को लिख कर दी थी. इस चिट्ठी के अंदर यह बताया गया था कि अब निलंबित हो चुके चौबेपुर पुलिस स्टेशन इंचार्ज या एसएचओ विनय तिवारी कैसे अपराधी विकास दुबे की मदद कर रहे हैं.

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दूसरी तरफ कैसे संभावित पुलिस वाले कार्रवाई से बच रहे हैं इस चिट्ठी के अंदर उन्होंने तिवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की थी. इस चिट्ठी को लेकर कानपुर के पुलिस चीफ दिनेश कुमार पीने सोमवार देर रात को कहा मुझे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चिट्ठी के बारे में आप पता चला है. डीएसपी ऑफिस और कानपुर एसएसपी के ऑफिस के डिस्पैचिंग सेक्शन के अंदर जांच की जा रहा है. अभी तक इस चिट्ठी का किसी भी तरह का कोई रिकॉर्ड उनको नहीं मिला और हमने कई हमें कोई फाइल भी नहीं मिली है.लेकिन हम इसमें और डिटेल्स की जांच कर रहे हैं और जानकारी मिलने पर हम तथ्य बिल्कुल साझा करेंगे.’

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आप सब को यह भी बता दें कि पुलिस पर हमले के 4 दिन होने के बाद भी अभी तक इस पूरे केस के अंदर जो मुख्य आरोपी विकास दुबे उसको पुलिस ढूंढ नहीं पाए. दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं. सोमवार को उसके सर पर रखे हुए इनाम की राशि को भी बढ़ा दिया गया है. अब विकास दुबे की जानकारी देने वाले को ढाई लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा. लेकिन इसके बाद भी उसकी कोई जानकारी निकलकर सामने नहीं आ रही है.

हालांकि सोमवार की शाम तक इस केस के अंदर पुलिस ने 3 लोगों की गिरफ्तारी की है. सुरेश, नौकरानी रेखा, और शमा दुबे को गिरफ्तार किया है. शमा दुबे विकास दुबे की बहू लगती है. सुरेश वर्मा बदमाशों का हौसला बढ़ा रहा है. पुलिस के छिपाने की जानकारी भी दे रहा था. रेखा जौ हरिशंकर अग्निहोत्री की धर्मपत्नी है. पुलिस आने की सूचना रेखा ने बदमाशों को दी थी.

अभी तक पुलिस इस जांच में इस चीज को फोकस कर रही है. कि इस मुठभेड़ के अंदर पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर ही सवाल उठ रहे हैं. कि क्या मामले के अंदर लोकल पुलिस स्टेशन के अंदर तैनात पुलिसवालों ने दुबे को पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी दे डाली थी. जिसके चलते यह 8 पुलिसकर्मियों जिसके चलते इस पूरे मामले के अंदर 8 पुलिस कर्मचारी फस गए. चौबेपुर पुलिस स्टेशन के अंदर इंचार्ज विनय तिवारी को इस मामले के अंदर सस्पेंड कर दिया गया है.

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