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Kanpur Encounter : बऊआ दुबे और प्रभात मिश्रा पुलिस एनकाउंटर में मारे गए, विकास दुबे अभी भी है फरार.

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Kanpur encounter Prabhat Mishra
Photo : social Media

कानपुर (उमाशंकर त्रिपाठी):- कानपुर एनकाउंटर के दौरान 8 पुलिस कर्मचारियों की शहादत के बड़े कुख्यात आरोपी विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस दिन रात एक कर लगी हुई है. पुलिस के द्वारा जगह-जगह पर पोस्टर लगवाए जा रहे हैं साथ ही विकास दुबे के सर पर घोषित इनाम की राशि को हर दिन और बढ़ाया जा रहा है. मगर अभी तक पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं. इसी बीच पुलिस वाले विकास दुबे के कुछ सहयोगियों को जरूर पकड़ रहे हैं लेकिन उनका भी एनकाउंटर होता चला जा रहा है.

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इसी क्रम के अंदर गुरुवार को विकास दुबे के दो और साथी जिनका पुलिस एनकाउंटर हो गया और दोनों मारे जा चुके हैं. फरीदाबाद में विकास दुबे की मदद करने वाला अपराधी प्रभात मिश्रा गुरुवार को पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया है. आईजी रेंज कानपुर की तरफ से यह बताया गया है कि फरीदाबाद में विकास को छिपाने में तीन लोगों की उसने मदद की थी और इन लोगों को कल गिरफ्तार कर लिया गया था. प्रभात भी उनमें से एक व्यक्ति था.

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प्रभात मिश्रा और बऊआ दुबे दोनों पर 50, ₹50 हजार का इनाम था. इसके अलावा दो आरोपी श्रवण और अंकुर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जबकि कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी प्रभात कार्तिकेय मिश्रा उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस आरोपी को फरीदाबाद से कानपुर लाया जा रहा था. आईजी रेंज कानपुर की तरफ से यह बताया गया है कि प्रभात ने रास्ते में ही पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की जिसकी वजह से उसका एनकाउंटर कर दिया गया है.

बऊआ दुबे का भी हुआ है एनकाउंटर

वहीं एक अन्य एनकाउंटर के अंदर विकास दुबे का एक और खतरनाक साथी बऊआ दुबे भी मारा जा चुका है. पुलिस के द्वारा इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के अंदर बऊआ दुबे का इनकाउंटर कर दिया बऊआ दुबे अपने तीन साथियों के साथ एक गाड़ी स्विफ्ट डिजायर को लूटकर भागने का प्रयास कर रहा था और इसी बीच कचौरा रोड पर पुलिस ने उसको रोका तो उसने गोलीबारी करना चालू कर दिया. पुलिस की तरफ से जवाबी कार्रवाई की गई और जिस में बऊआ दुबे मारा गया है हालांकि उसके 3 साथी इस पूरी कार्रवाई के दौरान भागने में सफल रहे बऊआ दुबे के पास पुलिस को पिस्टल भी मिली है.

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लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस के कार्यशैली के ऊपर भी अब धीरे-धीरे सवाल उठने शुरू हो चुके हैं. कि एक के बाद एक पुलिस एनकाउंटर कर रही है कहीं यह बदले की राजनीति तो नहीं मगर पुलिस के आला ऑफिसर अपनी पुलिस का ही मनोबल बढ़ाने के लिए उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है वह वक्त की नजाकत को देखकर ही हुआ है.

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