कोलकाता (उमाशंकर त्रिपाठी):- पश्चिमी बंगाल में आजकल डॉक्टरों और पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है और यह टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा और इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एक आपात बैठक बुलाई और इस आपात बैठक में एडिशनल चीफ सेक्टरी स्वास्थ्य राजीव सिंहा खास तौर पर पहुंचे पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल पर कैसे काबू पाया जा सकता है और मेडिकल सेवाओं को कैसे फिर से आम लोगों के लिए बहाल किया जा सकता है इस बात पर चर्चा की गई इसी को लेकर सीएम ममता बैठक कर सकती हैं. सोमवार को पश्चिम बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों के हमले में दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद मंगलवार को राज्य में डॉक्टरों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इस आपातकालीन मीटिंग से पहले उन्होंने घायल डॉक्टरों से मिलने की बात की थी पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल का पांचवा दिन चल रहा है और अब केंद्र सरकार भी इस हड़ताल को लेकर हरकत में आ गई है देश की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए राज्य सरकार से एक रिपोर्ट तलब की है एडवाइजरी में कहा गया है की हड़ताल का असर पूरे देश के अंदर देखने को मिल रहा है अन्य राज्यों के डॉक्टर्स भी इसमें अब शामिल होने शुरू हो चुके हैं इसको देखते हुए अब मोदी सरकार अपनी हरकत में आ गई और इसको लेकर ममता बनर्जी सरकार मुश्किलों में आ सकती है
इससे पहले केंद्र सरकार ने 9 जून को राज्य में राजनीतिक हिंसा को लेकर एडवाइजरी जारी की थी और वहीं पश्चिमी बंगाल सरकार को एडवाइजरी जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने यह बात कही थी कि मिनिस्ट्री ने डॉक्टरों मेडिकल संगठनों के प्रतिनिधियों और हेल्थ एक्सपर्ट से मुलाकात की है यह लोग देश के विभिन्न विभिन्न हिस्सों से यहां आए हुए हैं जो अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हैं लिहाजा पश्चिमी बंगाल सरकार से अपील की जाती है कि वह डॉक्टरों की हड़ताल पर एक रिपोर्ट को जल्दी से जल्दी उनके पास भेज दे अब देखना होगा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार की यह आपातकालीन बैठक का असर डॉक्टरों की हड़ताल को खत्म करवाने में अपना रंग दिखाएगा या नहीं