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पंजाब

माँ की ममता हुई शर्मसार , माँ बाप के प्यार को तरस रहे है बच्चे

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Children falling in love
Photo: Reporter.........Jatinder Kundal Gurdaspur (aaj news wala )

Gurdaspur ( Jatinder Kundal ):- माँ की ममता की अक्सर कई उधारणे देखने और सुनने को मिलती है और साथ में हम समाज में कई माँ बाप ऐसे दरिन्दे भी सुनते है जो आपने स्वार्थ के लिए आपने बच्चो को भी नहीं छोड़ते , ऐसे दरिन्दे माँ बाप से अच्छे तो बेजुबान जानवर है जो आपने बच्चो के लिए हर मुसीबत का सामना करते है | ऐसे कुछ माँ बाप समाज में छुपे है जो आपने छोटे बच्चों को छोड़ कर किसी दूसरे के साथ भाग जाते है बात करते है हम जिला गुरदासपुर के क़स्बा कलानौर के नजदीक पड़ते गांव रउडिआना की यहाँ पर 3 बेटियो और 1 ढाई साल के बेटे को उनकी माँ छोड़ कर बच्चो के मामा के साथ माईके चली जाती है और 1 साल बीत जाने के बाद भी उसका आज तक पता नहीं चला और बच्चों के मामा का कहना है

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कि उसके द्वारा उसको गांव की बस में बिठाया गया था मेरे को कुछ नहीं पता कहा चली गई | बच्चो पर मुसबित का पहाड़ उस समय गिरा जब माँ के सदमे में पिता भी चल भसे और अब बच्चे आपने ताया और ताई के पास रह रहे है लकिन ताए का 28 साला खुद का बेटा अपाहिज है और ऊपर से ताया आँखों से अन्धा और ताई आपनी बीमारी से लड़ रही है  परिवार के हालत इतने दर्दनाक है कि उनकी आँखों के आंसू बता रहे है कि रात को रोटी खा कर भी सोते होंगे जा भूख से ही लड़ कर सो जाते होंगे | 

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बच्चो के ताए ने बताया की उसका खुद का 28 साला जन्म से अपाहिज बेटा जो बिस्तर पर पड़ा बीमारी से लड़ रहा हे और मै खुद आँखों से अँधा हूँ और इन बच्चो की बड़ी  मुशिकल से परविरश कर रहे है क्युकि परिवार के हालत इतने नाजुक है जिसके कारन हम सिर्फ समय ही पास कर रहे है जब बारिश का मौसम होता है तो बच्चे वाहेगुरु के आगे अरदास है कि बारिश न हो अगर बारिश होती है तो इनको भी हमारे साथ जागना पड़ता है क्युकि कमरे के हालत इतने खस्ता है कि बारिश में हमें कमरे के कोने में बैठ कर रात बितानी पड़ती है | सभी सेवा संस्था और सिख जथेबंदियो से अपील है कि हमरी मदद की जाय अभी तक किसी भी संस्था द्वारा हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया गया | 

बच्चो की भुया ने बताया कि उनके भाई की मौत का कारण उनकी भाबी है जो बच्चो को छोड़ कर आज से 1 साल पहले चली गई जिसका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका  इन मासूम बच्चो की तरफ देख कर दिल रोता है कैसी माँ होगी जिसने बच्चो की भी परवाह नहीं की | मै हफ्ते में 1 – 2 बार आ जाती हु और बच्चो को नहला दुला कर  वापिस आपने घर चली जाती हु जरुरत है इस परिवार को मदद की किरपा कोई दानी आगे आए और इस परिवार की मदद करे | 

बच्ची की आँखों के आंसू बयान कर रहे है उनका दर्द आँखों से अंधे ताए के साथ जाते है उनकी आंखे बन कर और कई बार तो ताया गिर भी जाता है बच्ची ने बताया कि गुरपूर्व पर उसके मामा आए थे और माँ ने हमें गुरद्वारा साहिब लंगर छकने के लिए भेज दिया जब वापिस आए तो माँ और मामा घर में नहीं थे और आज तक वापिस नहीं आई हमें 3 बहनो और 1 छोटे  भाई को छोड़ कर चली गई हमें माँ के छोड़ने का ग़म नहीं है बाप की मौत का ग़म नहीं भूलते |  

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