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पंजाब

गैर कानूनी माइनिंग मामले में कुछ अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ी, सिमरजीत सिंह बैंस के ऊपर हुई थी FIR दर्ज

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Simarjit Singh Bains

चंडीगढ़ 6 जुलाई 2020 (Parmjeet Bhakna)

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:- पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस एवं उन्नतीस (29) दूसरे लोगों के खिलाफ लुधियाना के अंदर गैर कानूनी माइनिंग का पर्दाफाश करने के लिए एफ आई आर (FIR) दर्ज करने वाले पुलिस और माइनिंग विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमीशन ने अपनी 43 रिपोर्ट के अंदर इस बार रिपोर्ट में पूरे मामले को झूठा ऐलान किया है.

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जस्टिस मेहताब सिंह गिल आरबीएस मेहंदी रता की तरफ से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंपी गई रिपोर्ट के अंदर माइनिंग विभाग के जनरल मैनेजर और उस मौजूदा टाइम के दो थाना इंचार्ज समेत दो और दूसरे अधिकारियों के खिलाफ जांच की सिफारिश की है. आपको बता दें कि अप्रैल 2015 के अंदर लुधियाना के चुहरवाल गाँव में सिमरजीत सिंह बैंस अपने पार्टी वर्करों के साथ गैर कानूनी ढंग से चल रही माइनिंग का पर्दाफाश करने के लिए गए थे.

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इसके बाद सिमरजीत सिंह बैंस और उनके समर्थकों समर्थकों के खिलाफ माइनिंग एक्ट और दूसरी धाराओं के तहत एफ आई आर दर्ज की गई थी लेकिन अब जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमीशन की रिपोर्ट ने इन पुलिसवालों और दूसरे माने माइनिंग विभाग के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

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आपको बता दें लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस कांग्रेस कि सरकार से पहले शिरोमणि अकाली दल की सरकार के वक्त भी नाजायज माइनिंग के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते रहे हैं और कई दूसरे मुद्दों के ऊपर भी उन्होंने आवाज उठाई है.अब देखना होगा कि जस्टिस मेहताब सिंह गिल कमीशन की रिपोर्ट के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस पूरे मामले पर क्या एक्शन लेते हैं.

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